तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे ख्वाबों की बारिश, तेरे बिना अधूरी हैं, मेरी हर एक कहानी। तू है तो हर सुबह में, महकती है ये फिज़ा, तेरे इश्क में डूबी है, मेरी हर एक सांस।
हर सुबह एक नया रंग लाती है, गम और खुशियों की एक झोली में छिपी है। बस इसे जी लेना, यही असली सफर है, हर लम्हे में छुपी है, एक नई कहानी।
तेरी मंज़िल की राह में, मैं खुद को खो दूं, तेरे इश्क की गहराइयों में, मैं डूबा रहूं। लेकिन ये ना सोचाना, कि तूने मुझसे क्या चाहा, सीने में छुपा है तेरा नाम, या बस एक ख्वाब का साया।
तेरे बिना अब ये अधूरे ख्वाब हैं, हर मोड़ पर तेरी यादों के गुलाब हैं। आँखों में बसी है तेरी हंसी की रोशनी, बिन बताए, ये तन्हाई कितनी दर्दनाक है।
तेरे बिना मेरे ख्वाब भी, अब अधूरे से लगते हैं। तेरे साथ ही तो, हर लम्हा जिए जाने लगते हैं।
चाय की पहली चुस्की में, तेरी यादों का स्वाद है, दिल की कढ़ाई में बसी, तेरी हंसी का इराद है। हरSip में तेरा एहसास है, इसी से तो ये पल गुलज़ार है।
तेरे बिना हर शाम अधूरी सी लगती है, तेरी यादों की खुशबू, हवा में बसी सी लगती है। जब भी तुम पास होती हो, दिल की धड़कन तेज हो जाती है, एक पल की दूरी भी, ज़िंदगी की सजा सी लगती है।
तेरे इरादों में छिपी, मेरी हर दुआ काबिल है, हर नज़र तेरी ओर उठे, यही साजिश मेरी तक़दीर में है। तू जो साथ हो मेरे, तो हर मुश्किल आसान लगे, तेरी हंसी से महके, ये हर एक दिन मेरी जिंदगी में है।
जब भी बारिश होती है, तेरा नाम लब पर आता है, हर एक बूँद में तेरी खुशियों का एहसास होता है। तेरी दुआओं की छाँव में, मैं हर दर्द भुलाता हूँ, बस तेरा साथ हो साथ मेरे, तो सब कुछ सुहाना लगता है।
लंच में सब्ज़ी थी, दाल भी लाए, दौड़े जब हम, तो पत्ते उड़ाए। किसी ने कहा, "भाई ये क्या ख़ाक है?" हमने मुस्कुरा कर कहा, "हंसी तो ज़रूरी है!"