
इस रात की चादर तले, तेरा ही नाम लूँ, सपनों में आओ मेरे, हर लब पे तेरा ही जिक्र हो।

तेरे बिना ये रात अधूरी है, चाँद भी तेरा दीवाना है, तेरी यादों में खोकर सो जाऊँ, तू जब पास हो, ये ख्वाब सजाऊँ।

तेरे बिना अधूरी है ये शाम, जैसे चाय में बिना चीनी का एक पैगाम। हर जज़्बात में तेरा ही नाम, कभी तेरा साथ, कभी तेरा आराम।
