तेरे इश्क का असर इतना गहरा है, हर बार तेरा नाम लेते ही दिल धड़कता है। लेकिन जब तुम पास होती हो, लगता है ये दिल, खुद को छुपा रहा है, या सच में कुछ और चाहता है।
तेरे अल्फाज़ में वो मिठास है, जिसके पीछे छुपा है एक राज़ पास है। जब तू मुस्काती है, दिल में जलते हैं, हर लम्हा तेरा, जैसे आशिक़ी की आग बास है।
हर रोज़ तेरा इंतज़ार करता हूँ, तेरे बिना जैसे ये सफर अधूरा है। सूरज भी तेरा दीदार चाहता है, पर तेरा चाँद सा ख्वाब, नसीब में पूरा है।
तेरे बिना अधूरी रातों में, खामोशियों का साया है। तेरे ख्वाबों की खुशबू से, हर सुबह एक नया साजा है।
तेरे बिना बातें अधूरी हैं, सपनों में भी अब तन्हाई है। हर एक मुस्कान में छुपा है, खामोशी का ये कितना बड़ा साया।
जब तू पास होता है, हर दर्द छुपा जाता है, तेरे बिना ये जीवन, एक अधूरा सा लगता है। तेरी हंसी में छिपा है, मेरा सारा सुकून, तू है तो सब कुछ है, तू है तो सब कुछ सुन।
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा लगता है, यादें तेरी, जैसे ख्वाबों का एक ताज़ा सफ़र है। हँसते हुए चेहरों में, तेरी कमी का एहसास है, आँखों में तेरे अक्स का साया हमेशा साथ है।
तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे चाँदनी रात में, कोई ख्वाब दिखता है। दिल की हर धड़कन में, तेरा नाम बसा है, ज़िंदगी के सफर में, तू ही मेरा सच्चा साथ है।
जब भी रहा हूँ ख़ुद से दूर, सपनों ने दी मुझको दस्तक, ज़िंदगी ने कहा, चल आगे, हर मोड़ पर है एक नई दस्तक।
खुद पर ऐतबार किया है, अब दुनिया से क्या डरना। जो न समझे मेरी अदाओं को, उनकी नजरों में रहता है मेरा असरना।