तेरे बिना गुज़रे हर लम्हे की सदमा, तेरे साथ हर सुबह है एक नया सपना। तेरे होठों की हंसी, जैसे चाँदनी रात, एक पल की भी दूरी, लगती है बेताबना।
हर ठोकर से खड़ा होता है, ये जोश तो देखो, गिरने का डर नहीं, खुद को फिर से जोड़ते देखो। असफलता एक पल है, पर हिम्मत का नाम है, सपनों की उड़ान में, यही तो नया मोड़ देते देखो।
जब तिरंगा लहराता है, सपने जागते हैं, हर दिल में एक नई उमंग, मातृभूमि के लिए चढ़ते हैं। सिर्फ आज नहीं, हर दिन हम संकल्प लें, कि अपने भारत को और भी सुंदर बनाते हैं।
मुस्कुराहट में छुपा है एक राज़, तेरी आँखों में बसी है कहानी खास। हर शब्द में बसा है इक खेल, सुन ले ज़रा, ये हैं दो अर्थों के मेल।
जब नजरें मिलती हैं, तेरा अंदाज़ बेताब होता है, मेरे सवालों का जवाब, तेरा जज़्बात होता है। सोचते हैं सब, पर मैं तो बस तेरा दीवाना हूँ, खुदा से भी बढ़कर, तेरा प्यार मेरा खज़ाना हूँ।
तेरे बाद अब सिर्फ खामोशियाँ हैं, हर खुशी में तेरा नाम बसा है। आसमान में तारे भी उदास हैं, तेरे बिना ये रात भी सजा है।
तुम्हारी यादों की बारिश में, सुनहरा सपना बुनता हूँ, हर बूँद में तुम्हारे लौटने का, इंतज़ार ही अब जीने का कारण है।
तेरे बिना अधूरी है ये जिंदगी, तेरी हंसी में छुपा है मेरा सुकून। हर पल तेरा ख्याल आता है, जैसे चाँद की चाह में होता है चाँदनी का जुनून।
तेरे इंतज़ार में हर एक लम्हा गुजरता है, खामोशियों में भी तेरा नाम आदाब से बसरता है। जब तू पास होती है, हर दर्द की दवा मिल जाती है, तेरे बिना ये जिंदगी जैसे एक अधूरी तस्वीर बनकर रह जाती है।
तेरे बिना ये शामें भी खामोश हैं, तेरे बिना हर लम्हा बेताब है। तू ही तो है जो मेरे दिल में बसा है, तेरे बिना ये दिल भी तन्हा है।