
सोमवार सुबह और चाय ठंडी, ये ज़िंदगी की सबसे बड़ी ट्रेजेडी है।

हर मुश्किल एक सबक सिखा जाती है, बस समझने वाला नज़रिया चाहिए।

कभी-कभी खुद से मिलना भी ज़रूरी है, भीड़ में इंसान खुद को खो देता है।

सन्नाटा भी कभी-कभी बहुत कुछ कह जाता है, सुनने का हुनर सबके पास नहीं होता।
उनकी एक मुस्कान पर, दिल हार बैठे हम, ये मोहब्बत का पहला एहसास था।
तुम्हारे बिना ये शामें, अब पहले जैसी नहीं रहीं, हर आहट में तुम्हें ढूंढती हैं।
हर पन्ना नया सबक सिखाता है, हर मोड़ नई राह दिखाता है, यही तो ज़िंदगी है।
Zindagi ke safar mein, kuch pal aise bhi aate hain, jo dil ko chhoo jaate hain.
दोस्ती वो रिश्ता है, जो खून का नहीं, पर खून से भी गहरा है।
