तेरे जाने के बाद, हर गली में तेरा ही नाम है, चुपके से गुज़रते हैं, लम्हे अब भी उसी शाम हैं। तेरी हँसी का साया, अब भी मुझमें बसा है, यादों की खुशबू में, तुम्हारा हर ख़्वाब है।
चाँद की रौशनी में, तेरे ख़्वाब सजाऊँ, हर तारे से पूछूँ, क्या तू भी याद आए? सपनों की इस दुनिया में, तू संग मेरे आए, सो जाऊँ तुझमें खोकर, तेरे साथ मुस्कुराए।
तेरे बिना गुजरती हैं रातें, चाँद की चाँदनी भी लगती है सिसकियाँ। तेरे ख्वाबों में खोकर, मैं खुद को भुला दूँ, तेरे बिना ये जिंदगानी, जैसे अधूरी कहानी।
तू साथ हो जब मेरे, हर लम्हा है खास, खुशियों का ये पल, जैसे चाँदनी रात, तू मेरा दोस्त है, तू मेरी आस।
तेरी बातों में जादू है, पर खामोशी में भी अजनबी नहीं है। कुछ बातें अधूरी हैं, मगर, तेरे इश्क की नई कहानी नहीं है।
तेरे बिना हर पल, एक अधूरी कहानी है। सपनों में तेरे साथ, पर जागते ही तन्हाई है। दिल की खामोशी में, तेरी ही आवाज़ है, तेरे बिना ये ज़िंदगी, जैसे कोई धुंधली रंजिश है।
वो पल जब तुमसे बात होती है, दिल की धड़कनें भी बेताब होती हैं। पर ये तन्हाई जब चुपके से आती है, हर खुशी की तरह, बस दर्द बन जाती है।
हर मोड़ पर जो साथ हो, हर ग़म में जो हंसता हो, ऐसी दोस्ती की कीमत क्या, जो कभी दो दिलों को ना तड़पाता हो।
हर लम्हा एक नई कहानी लिखता है, हंसते-हंसते भी दिल का मर्म छुपाता है। ज़िंदगी से फिर से मिलने की चाह रखो, क्योंकि हर मोड़ पर एक नया सबक सिखाता है।
तेरे बिना ये जज़्बात अधूरे हैं, हर मुस्कान में तेरे ही चेहरे के नूर हैं। जब बातों से निकलें इश्क की खुशबू, फिर समझ लो, ये दिल किसी और का नहीं, बस तुम्हारा है।