दौड़ती ज़िंदगी में जब ठहरते हैं, दोस्तों के संग वो लम्हे सजीव होते हैं। हर मुस्कान में छुपा है एक किस्सा, सच्ची दोस्ती के रंग कभी फीके नहीं होते।
हर मुश्किल से कह दो, तुमसे मैं हार नहीं मानूँगा। जब तक है सांस, तब तक मैं खुद को नहीं छोड़ूँगा। सपने मेरे सच होंगे, ये जानता हूँ गहराई से, हर कदम पर जीत की ख्वाहिश, ये मेरा सब कुछ है।
तेरे बिना ये राहें अधूरी हैं, हर मोड़ पर तेरी यादें हैं भरी। दोस्ती की खुशबू से महके हैं जज़्बात, साथ तेरा, जैसे हर सुबह की पहली किरण।
तेरे बिना अधूरी शामें, जैसे चाँद बिना रात, हर लम्हा तेरा एहसास, दिल में बसा है हालात। तेरे बिना ये सांसें, हैं जैसे खामोश साज़, तेरे संग ही जीना, मेरी हर एक चाहत की आवाज।
तुम्हारे हंसने से बजी थी एक ख़ामोश जिन्दगी, जब तुम पास थी, फोन की घंटियाँ थीं बेकरार। अब हर रिंग में तुम ही हो, पर नहीं हो तुम कहीं, सुनो, ये ख़ामोशी भी है एक अजीब सा दोधारी प्यार।
जब तन्हाई की चादर ओढ़ी, तेरे बिना हर सुबह अधूरी। आँखों में बस गई हैं यादें, फिर भी दिल है बेकरार, न जाने क्यों।
तेरे साथ बिताए लम्हों की खुशबू, चाहे हो कितनी भी मुश्किलें, हम हैं एक-दूजे के साथ। हर हंसी में छुपी हैं यादें, तेरी दोस्ती, मेरी सबसे बड़ी ताकत।
हर एक मोड़ पर खुद को ढूंढना है, अजनबी नहीं, अब मुझे मुझसे मिलना है। दिल की सुनना, सच्चाई को समझना, ये ज़िंदगी नहीं, एक खूबसूरत सफर है।
वो कौन सा सहरा था, जहाँ तूने मुझे छोड़ा, हर कदम पर तेरा ही एहसास मेरे साथ है। खामोशियों में तेरी यादें बसी हैं यूँ, जैसे चाँद की रौशनी, रात के वीराने में।
तेरे बिना ज़िंदगी के रंग फीके हैं, खामोश लफ्ज़ों में तेरा नाम छुपा है। दिल की गहराइयों में बस तू ही है, तेरे जाने से जैसे सबकुछ अधूरा सा है।