तेरी बातें जैसे चाँदनी, हर रात मेरे दिल को छूती हैं। तेरे साथ बिताए लम्हे, जैसे समय ने खुद को थाम लिया हो।
चाय की खुशबू में खो गया हूँ, तेरे ख्वाबों की चाशनी में डूबा हूँ। बातों की मिठास से भरे ये लम्हे, कभी तो मिल, दिल से दिल को जोड़ दूँ।
तेरे बिना ये दुनिया जैसे सुनसान, सपने बटोरकर भी मिले नहीं कोई अरमान। हर रूह में बस तेरा ही नाम है, बिछड़ने की इस खामोशी में, क्या फिर भी कोई एहसान है?
तेरा नाम लबों पर, जब आता है, धड़कनों का सिलसिला, खुद-ब-खुद सज जाता है। हर एक सुबह तेरी यादों में खोकर, मैं एक नया दिन, तुझसे ही शुरू करता हूँ।
तेरे बिना अधूरी है मेरी हर खुशी, संग चलें तो हर मुश्किल भी आसान है। दोस्ती की राह पर, तेरा हाथ है मेरा, हर लम्हा तुझसे ही, इस दिल की पहचान है।
जब बात समझ की हो, तब अल्फाज़ की ज़रूरत नहीं, दिल की धड़कनों में छिपी है हर एक बात यहाँ। प्यार सच्चा हो, तो ना होंगी कोई शर्तें, खामोशी भी बोलेगी, जब प्यार हो अगली सुबह।
हर लफ्ज़ में छुपा है एक राज़, जब तुम मुस्कुराती हो, दिल बुनता है आस। कोशिश करो अल्फाज़ों को समझने की, प्यार की भाषा में, बस हो एक सवाल।
तेरे बिना हर लम्हा अधूरा है, जैसे चाँद बिना रात अधूरी है। तेरा नाम लूँ जब भी फिजा में, दिल फिर से तेरा दीवाना हो रहा है।
दीपों की रोशनी में जब छा जाएं हम, संग बिछे ख्वाबों की सजी महफिल हो, खुशियों के रंगों में रंगीनी बहे, हर दिल में धड़कन, हर आँख में खुशी हो।
तूने देखा है कभी, खुद को ख्वाबों में? जिन्हें बस पाना नहीं, जीना है खुदा के साथ। हर एक साया तेरा, हर पल में बसा है।