तेरे बिना हर सुबह अधूरी सी लगती है, हर शाम तेरी यादों में खोई सी लगती है। कभी हँसती हूँ, कभी रोती हूँ, बस तेरा दीदार, अब मेरी ख्वाहिश बनती है।
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