
सुबह की चाय में आलस्य घुला, कहती है मम्मी, "बाहर क्यों नहीं निकलता?" मैंने कहा, "तबियत तो ठीक है लेकिन, घर के सोफे से दोस्ती बहुत गहरी है।"

बॉक्स ऑफिस पे टिकेट बुक कराई, फिल्म शुरू हुई, फिर सबको याद आई, पॉपकॉर्न का पैकेट ढूंढा हमने, मगर अब वो दाम देख के दिल की धड़कन बढ़ी।

सास बोलीं, 'बहू बेटा बड़ा हो गया,' बहू ने कहा, 'तो क्या, मेरे लड़के का तो कोई करियर नहीं है।' सास हंसते हुए बोलीं, 'तो क्या, मुझे तो सिर्फ दहेज चाहिए था।' अरे, परिवार में बहस हुई और हमने हंसी में बाँध दी।

जब बास ने कहा 'काम करो', हमने कहा 'हंसी तो छोडो', बॉस बोले, 'काम नहीं करोगे?' हम बोले, 'हंसी में क्या बुराई है, जो छोडूं?'
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