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इश्क़ की परछाई

इश्क़ की परछाई

तेरे बिना ये रातें अधूरी हैं, सपनों में भी तेरी यादें होती हैं। खामोशियों में तेरी हंसी बसी है, इश्क़ की परछाई, अब तो हर जगा है।

by Admin
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