
जिंदगी का हर रंग जुदा है, कभी हंसते हैं, कभी रोते हैं, इन्हीं लम्हों में छुपा है सब कुछ, हर दर्द को जीकर हम बड़े होते हैं।

हर लम्हा एक किताब है, जिसमें छिपे हैं अनगिनत रंग। आंसुओं की स्याही से, हम लिखते हैं अपने सपनों के संग।

हर मोड़ पर मिलती है एक नई चुनौती, खुद से ही करनी पड़ती है जंग, जो कभी हंसते हैं, वो भी रोते हैं, ज़िंदगी की इस किताब में है हर रंग।

कुछ लम्हे ऐसे होते हैं, जो दिल के सबसे करीब होते हैं। उनकी यादें होंठों पे मुस्कान लाती हैं, जिंदगी के रंग इन्हीं से सजीव होते हैं।
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