✍️ 2 Line Shayari

खामोशियों का आलम

खामोशियों का आलम

खामोशियाँ भी बातें करती हैं, कभी खुद से, कभी यादों से। दिल का हर एक टुकड़ा तन्हा है, पर तेरे बिना ये वीरानियाँ भी प्यारी हैं।

by Admin
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