कदम बढ़ाते हैं जब हम, सब कुछ संभव है, आज़ादी की इस हवा में, खुद पर विश्वास है। हर दिल में छिपा है एक जलता हुआ दीवानगी, सपनों की उड़ान में, अब कोई ना फासला है।
जब तिरंगा लहराता है, सपने जागते हैं, हर दिल में एक नई उमंग, मातृभूमि के लिए चढ़ते हैं। सिर्फ आज नहीं, हर दिन हम संकल्प लें, कि अपने भारत को और भी सुंदर बनाते हैं।
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