
तेरे बिना हर खुशी में बिसूरता हूँ, हर लम्हा तेरा ही दीदार करता हूँ। तू जो नहीं होती, तो क्या जीना, तेरे ख्यालों में हर सवेरा गुजरता हूँ।

तेरा नाम लबों पर, जब आता है, धड़कनों का सिलसिला, खुद-ब-खुद सज जाता है। हर एक सुबह तेरी यादों में खोकर, मैं एक नया दिन, तुझसे ही शुरू करता हूँ।

तेरे बिना अधूरी हैं ये रातें, तेरी यादों में बसी हैं ये बातें। हर ख्वाब में तेरा आलम सजे, तेरे बिना तो ये दिल भी उदास है।
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