
तेरी बातों में छुपा एक राज़ है, हर मुस्कान के पीछे एक सवाल है। काँप उठता है दिल जब तुम पास होती हो, क्या ये मोहब्बत है या सिर्फ एक बहलाव है?

तेरे बिना अधूरी है ये शाम, जैसे चाय में बिना चीनी का एक पैगाम। हर जज़्बात में तेरा ही नाम, कभी तेरा साथ, कभी तेरा आराम।

तेरे बिना जीना मुश्किल है, पर ये बात सबको बताई नहीं जा सकती। खुशियों में तेरी यादों का साया है, लेकिन मुस्कराहट की वजह भुलाई नहीं जा सकती। दोस्ती की बातें हों या मोहब्बत की, हर लम्हा तेरा अहसास छुपाई नहीं जा सकती।

तेरी नजरों में छिपा है मेरा नाम, हर बात में तेरा इशारा है अजीब, दूरियाँ बढ़ी हैं पर दिल के पास, तू समझ न पाई, या समझी है तेरा ख्वाब।
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