
वो पल जब तुमसे बात होती है, दिल की धड़कनें भी बेताब होती हैं। पर ये तन्हाई जब चुपके से आती है, हर खुशी की तरह, बस दर्द बन जाती है।

खुद से की बातें अब तक याद हैं, तेरे जाने के बाद भी ये उदास शामें थोड़ी गहरी हैं। तेरे बिना ये संगीन लम्हें, बस एक ख्वाब बनकर रह गई हैं।

तेरे बिना हर शाम है अधूरी, तेरे साथ हर सुबह है नयी। यादों की खुशबू बिखरी है चारों ओर, जिनमें ढूंढता हूँ, तुझे हर एक मोड़।

तेरा नाम लूँ जुबां से, फिर चुप रहूँ दिल की गहराइयों में। खामोशियां भी बोलती हैं, जब इश्क छुपा हो आँखों की परछाइयों में।
Comments
Loading comments...