
दीपों की रोशनी में छुपी है भावनाएँ, घर की हर दीवार पर सजती हैं यादें, इस त्योहार पर मिलते हैं चेहरे सबके हंसते, सपनों की दुनिया में बुनते हैं हम नई कड़ियाँ।

दीपों की रोशनी में जब छा जाएं हम, संग बिछे ख्वाबों की सजी महफिल हो, खुशियों के रंगों में रंगीनी बहे, हर दिल में धड़कन, हर आँख में खुशी हो।

हर गली में बिखरी खुशबू, रंगों की बहार है, दीपों की रोशनी में, छुपा हुआ प्यार है। खुशियों की इस मेले में, पुराने यारों का साथ, एक बार फिर से जी लें, बचपन की यादों का मात।
Diyon ki roshni ho ya dilon ki, is Diwali har taraf ujaala rahe, har ghar khushiyon se bhara rahe.
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