1 Shayari
कमरे की मद्धम रोशनी और तेरी सांसों की सरगोशी, फ़ासले मिटाने को काफ़ी है ये मीठी सी मदहोशी। हम दोनों के दरमियाँ जो यह अनकही सी कशिश है, यही तो इश्क़ की सबसे बालिग और हसीन ख़्वाहिश है।