1 Shayari
तेरे बिना गुजरती हैं रातें, चाँद की चाँदनी भी लगती है सिसकियाँ। तेरे ख्वाबों में खोकर, मैं खुद को भुला दूँ, तेरे बिना ये जिंदगानी, जैसे अधूरी कहानी।