1 Shayari
ओस की बूंदों पे जैसे धूप का निखार आता है, तुझे सोचकर मेरी सुबह में यूँ ही खुमार आता है। ज़माने के लिए तो बस एक नया दिन शुरू हुआ है, पर मुझे हर सवेरे तुझपे नया प्यार आता है।