1 Shayari
तेरे बिना ये शामें कितनी वीरान लगती हैं, हर हंसी में तेरी यादों की छाँव होती है। तू जब से गया है, दिल की धड़कन भी सो गई, हर लम्हा अब तेरे बिना, बस एक तन्हाई की दावत होती है।