1 Shayari
दिन भर की थकान और ज़माने की बंदिशों के बाद, तुम्हारी बाँहों में सिमटना ही असली सुकूँ लगता है। अब सिर्फ़ हुस्न की चाहत नहीं रही इस उम्र में, तेरी रूह से मेरी रूह का जुड़ना जुनूँ लगता है।