1 Shayari
तेरे बिना ये दुनिया जैसे सुनसान, सपने बटोरकर भी मिले नहीं कोई अरमान। हर रूह में बस तेरा ही नाम है, बिछड़ने की इस खामोशी में, क्या फिर भी कोई एहसान है?