1 Shayari
तेरे इश्क़ की मिठास, जैसे चाय में चीनी, जितना चाहें, उतना मीठा, पर फिर भी एक कमी। हर लSip, हर चाशनी में, कुछ कडुवा सा सच छुपा, इश्क़ में ताजगी है, पर उसके साथ होता है टकरा।