1 Shayari
सुबह की पहली चाय में तेरा ख़याल घोला है, धूप ने खिड़की पे आके तेरा ही नाम बोला है। दिन तो खैर गुज़र जाएगा दफ़्तर और कामों में, ये पहला लम्हा बस तेरी यादों के नाम खोला है।