1 Shayari
शाम की बेला में बजे गाने, दिल में बसी हैं ये आज़ादी के अफसाने। हर ख्वाब में बुनते हैं हम, एक नया जहाँ, जहाँ न हो कोई रंग, बस हो अपना आसमान।