Intezar Shayari

इंतज़ार की गहराई

इंतज़ार की गहराई

तेरे बिना ये रातें भीग जाती हैं, हर एक खामोशी तेरा नाम लेती है। बेताबी से तेरा सामना चाहती हूँ, हर एक लम्हा तेरा ही इंतज़ार करती है।

by Admin
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