
तुम्हारी यादों की बारिश में, सुनहरा सपना बुनता हूँ, हर बूँद में तुम्हारे लौटने का, इंतज़ार ही अब जीने का कारण है।

तेरे बिना हर लम्हा अधूरा लगता है, हर सुबह तेरा ख्वाब सजता है। बस एक तेरे आ जाने की ख़्वाहिश है, फिर हर दर्द भी ख़ुशी में बदलता है।

तेरे बिना ये रातें भीग जाती हैं, हर एक खामोशी तेरा नाम लेती है। बेताबी से तेरा सामना चाहती हूँ, हर एक लम्हा तेरा ही इंतज़ार करती है।
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