
तेरे बिना ज़िंदगी के रंग फीके हैं, खामोश लफ्ज़ों में तेरा नाम छुपा है। दिल की गहराइयों में बस तू ही है, तेरे जाने से जैसे सबकुछ अधूरा सा है।

तूने देखा है कभी, खुद को ख्वाबों में? जिन्हें बस पाना नहीं, जीना है खुदा के साथ। हर एक साया तेरा, हर पल में बसा है।

तुम्हारी खामोशियों में छुपा है, मेरे दिल का हर एक राज़। जब भी तुम पास होती हो, सिर्फ तेरा अहसास ही काफी है।

जिन्हें हम समझ न सके, वो ख्वाब थे, हर सुबह की रोशनी में, वो आँखों का पानी थे। खुद से जुड़ने की तलाश में निकले हैं हम, कभी वो थे, कभी ये हैं, बस यादों की कहानी है।
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