
तू जो साथ नहीं, तो हर खुशी अधूरी है, तेरे बिना ये ज़िंदगी एक बेजान तस्वीर है। तेरे ख्वाबों में डूबी, ये रातें भी शायरी हैं, हर लम्हा तेरी यादों से शुरू और तुझ पर ही ख़त्म है।

तेरे बिना ये रातें अधूरी हैं, सपनों में भी तेरी यादें होती हैं। खामोशियों में तेरी हंसी बसी है, इश्क़ की परछाई, अब तो हर जगा है।

तेरे बिना ये दिल मुझसे बात करता है, हर खामोशी में तेरा नाम रहता है। तू है मेरा ख्वाब, मेरी जन्नत का साया, तेरे ख्यालों में हर रात बिताता है।

किसी और की बाहों में खोने की चाहत, पर खुद से जुदा होने का डर ज़्यादा है। तेरे बिना, ये अधूरी सी कहानी, जिंदगी के हर मोड़ पे तेरा ही साया है।
Comments
Loading comments...