
तेरे बिना हर सुबह, एक तन्हा सफर है, दिल की हर धड़कन में, तेरा ही असर है। साँसों में बसी है सदा, तेरी ही कहानी, खामोशियों में भी तेरा, चुपचाप बसेरा है।

तेरे बिना हर पल, एक अधूरी कहानी है। सपनों में तेरे साथ, पर जागते ही तन्हाई है। दिल की खामोशी में, तेरी ही आवाज़ है, तेरे बिना ये ज़िंदगी, जैसे कोई धुंधली रंजिश है।

तेरी यादों की गहराई में, हर लम्हा खो जाता हूँ। तेरे बिना यह दिल, बस एक सवाल बन जाता हूँ।

तेरी यादों की गूंज में, खामोशी का आलम है, हर लम्हा तेरा इंतज़ार, दिल की यह मजबूरी कम है।
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