😢 Sad Shayari

ख़ामोशी का आलम

ख़ामोशी का आलम

तेरे बिना ख़ामोश हैं ये कमरे, सपनों में भी अब तेरा अक्स नहीं, ज़िंदगी की हर लहर में बसा है दर्द, लेकिन तुझसे कहने का कोई मौसम नहीं।

by Admin
👁 2

Comments

Loading comments...

← Feed pe wapas jao